Divorce Legal Battle Story. अजीम ने जिस ताहिरा को मनहूस मान कर घर से निकाला, वह एक पढ़ेलिखे, खूबसूरत हमसफर के साथ बढि़या जिंदगी गुजारने लगी, जबकि जिस यासमीन को भाग्यशाली मान कर अजीम ने दूसरी शादी की, शादी के कुछ दिनों बाद ही उस की कार एक्सीडेंट में मौत हो गई और मां को लकवा मार गया. सच है, मजलूम की आह कभी खाली नहीं जाती.
सुबहसुबह ही एक तीखे नैननक्श की खूबसूरत लड़की अपनी मौसी के साथ मेरे औफिस में आई. बैठने के साथ ही लड़की ने कहा, ‘‘वकील साहब, क्या कोई आदमी भी मनहूस हो सकता है?’’
‘‘हां, क्यों नहीं हो सकता है.’’ जवाब में मैं ने कहा. ‘‘क्या उस की वजह से आसपास के लोग परेशानी में पड़ जाते हैं?’’
‘‘बीबी, तुम्हारा सवाल बड़ा पेचीदा है. एक बात बताओ, क्या अच्छाई आसपास रहने वालों के लिए खुशनसीबी ला सकती है?’’ मैं ने पूछा.
‘‘क्यों नहीं, अच्छाई तो सब के लिए अच्छी होती है.’’ लड़की ने जवाब दिया.
मैं ने उस के जवाब की सराहना की तो उस ने आगे कहा, ‘‘वकील साहब, मेरे शौहर ने अपनी मां के कहने पर मुझे घर से निकाल दिया है और अब तलाक देना चाहते हैं. मेरी सास का कहना है कि मैं मनहूस हूं. उन्होंने मेरे सारे गहने और नकद रकम भी रख ली है.’’
‘‘बीबी, पहले आप अपने बारे में तो बताइए.’’ मैं ने कहा.
‘‘मेरा नाम ताहिरा है,’’ फिर बगल में बैठी औरत की ओर इशारा कर के कहा, ‘‘और यह मेरी मौसी फिरदौसी हैं. यही मेरी सब कुछ हैं. अगर यह न होतीं तो शायद मैं किसी कब्रिस्तान में होती.’’






