Hindi Story : अमीन और रूबीना की मुलाकात एक इत्तफाक की वजह से हुई थी. इसे महज औपचारिक मुलाकात समझ कर दोनों ने ही एकदूसरे को अपना नामपरिचय गलत बताया. लेकिन धीरेधीरे दोनों के संबंध गहरा गए और बात आंतरिक संबंधों तक जा पहुंची. बाद में जब इत्तफाक से दोनों की शादी हो गई तो सुहागरात को सारा रहस्य खुला. रूबीना का जन्म सियालकोट के एक मध्यवर्गीय शिक्षित घराने में हुआ था. मातापिता बेटी को

धार्मिक शिक्षा दिलाना चाहते थे, लेकिन रूबीना पढ़लिख कर प्रोफैसर बनना चाहती थी. मैट्रिक पास करने के बाद रूबीना ने इंटर की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास कर ली. बीए करने के बाद उस ने एमए करने का फैसला किया. स्टूडेंट लाइफ में उस की एक सहेली थी, जिस का एक ही भाई था सुहेल अहमद. घराना कुछ अच्छा नहीं था. उस के पिता की बाजार में मामूली सी दुकान थी, जहां कपड़ों की सिलाई का काम होता था.

सुहेल अपनी शिक्षा के खर्चे पूरे करने के लिए मोहल्ले में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया करता था. मैट्रिक तक रूबीना भी उस के घर ट्यूशन पढ़ने जाया करती थी. मैट्रिक के बाद जब उस ने ट्यूशन छोड़ दिया तब भी सुहेल से उस की दुआसलाम जारी रही. वक्त निकाल कर वह कभी परीक्षा के लिए नोट लेने तो कभी किसी और बहाने से उस से मिल लिया करती थी. दरअसल, वह मन ही मन सुहेल को पसंद करने लगी थी क्योंकि वह बहुत मेहनती और जहीन लड़का था. लगता था कि वह आगे चल कर बहुत तरक्की करेगा. लेकिन सुहेल की सोच कुछ और ही थी. वह अधिक से अधिक शिक्षित हो कर अपने घर वालों को गरीबी की दलदल से निकालना चाहता था. वह यह बात अच्छी तरह जानतासमझता था कि उस के मातापिता उस की पढ़ाई का खर्च बड़ी मुश्किल से पूरा कर पाते हैं.

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