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एपिसोड-2

दूसरे एपिसोड में विक्रम घर से भाग नहीं पाता क्योंकि एक आदमी के हाथ से उस का हाथ हथकड़ी से लौक होता है. हुड्डा फोर्स सहित घर में आ जाता है. दोनों के बीच फायरिंग होती है. उस का हाथ तोड़ कर उस के हाथ में से हथकड़ी निकाल कर हुड्डा से बच कर विक्रम कूद कर भाग जाता है. क्या सीन है! इसी फिल्म के दृश्य से डायरेक्टर की मानसिकता और योग्यता आसानी से समझी जा सकती है.

साजिद फोन कर के विक्रम को बताता है कि लीना का मर्डर हो गया है और हुड्डा को वीडियो से यह सबूत लगे हैं कि जिस ने भी लीना की हत्या की है, उस के सारे सबूत विक्रम से मिलतेजुलते हैं. विक्रम को लगता है कि किसी ने वीडियो को एडिट कर के कातिल की तसवीर में उस का मुखौटा लगा दिया है, जिस से विक्रम को फंसाया जा सके.

विक्रम समझता है कि यह काम उसी हैकर सिदेश का है, जिस से लीना का पता तलाश कराया था. क्योंकि वही इन मामलों में एक्सपर्ट है. विक्रम सिदेश के घर पहुंच कर उसे धमकाता है. इस पर सिदेश कहता है कि यह काम उस ने नहीं किया, लेकिन ओरिजिनल वीडियो अगर उसे दे दी जाए तो वह यह पता लगा सकता है कि यह एडिट का काम किस तरह किया है.

डायरेक्टर से हुई चूक

उधर पुलिस अफसर हुड्डा विक्रम लीना मर्डर केस में गिरफ्तारी के लिए उस के घर जाता है. स्वाति से पूछता है कि विक्रम कहां है? स्वाति बताती है कि विक्रम से उस का कोई मतलब या वास्ता नहीं है. विक्रम से उस का तलाक हो चुका है. विक्रम से कभीकभार फोन पर बात होती है. इतना सुन कर हुड्डा स्वाति के साथ अभद्रता करता है और उस की घर की तलाशी लेने लगता है.

इसी दौरान उसे कंडोम का खाली रैपर दिखाई देता है, जिसे देख कर वह स्वाति को चरित्रहीन कहता है. तभी वहां साजिद पहुंच जाता है और वह अपनी प्रेमिका स्वाति के साथ इस अभद्र व्यवहार का विरोध करता है. इस से पहले विक्रम की पत्नी स्वाति के घर हुड्डा पुलिसिया अंदाज में खूब तोडफ़ोड़ भी करता है.

अगले सीन में विक्रम लीना के मर्डर स्थल पर पहुंचता है. वहां से लीना के बेटे डेविड का एक लैपटाप मिलता है. विक्रम सिदेश हाकर से लैपटाप के पासवर्ड को अनलौक करने का तरीका पूछता है. सिदेश की प्रेमिका पल्लवी के साथ एक होटल में बैठा होता है. उस ने पल्लवी को बताया कि किसी सिस्टम के पासवर्ड को अनलौक कर रहा है.

पल्लवी एक डिवाइस देती है और बताती है कि इस से कैसे पासवर्ड अनलौक किया जा सकता है. यहां पर डायरेक्टर को सिदेश और उस की प्रेमिका पल्लवी के प्रेम प्रसंग को फिल्माना चाहिए था. इन दोनों की प्रेम कहानी का कोई भी सीन फिल्माया नहीं गया. यहां वह अपने प्रेमी के साथ अफेयर के कुछ क्षण बिताने के बजाय अनलौक करने के लिए डिवाइस देती है.

इस से फिल्म देखने वाले दर्शकों को मायूसी के अलावा कुछ हाथ नहीं लगेगा. विक्रम को दिव्या का फोटो लैपटाप में मिलता है. इसी लड़की को उस ने लीना के घर देखा था. विक्रम कमरे से बाहर आता है तो कावड़ी नाम का एक इंसपेक्टर उसे देख लेता है. उसे गन पौइंट पर ले लेता है.

इस गन पौइंट के सीन में विक्रम ने जिन बातों का जाल बिछा कर उस के चंगुल से स्वयं को निकाला है, वह बेवकूफी वाली हैं. इतना ही नहीं उस के रिवौल्वर में से मैगजीन भी निकाल लेता है और उसे पता ही नहीं चलता. ये सीन एकदम बकवास है. एपिसोड के समय को बरबाद करना ही इस सीन का उद्ïदेश्य प्रतीत होता है.

एपिसोड-3

तीसरे एपिसोड में हुड्डा लीना के मर्डर केस की जांच करता है. उसे विक्रम की तलाश है. उसे विक्रम व दिव्या पत्रकार एक साथ कार में आते दिखते हैं. तब वह उन पर रिवौल्वर तान देता है. विक्रम कार से उतर कर आता है. हुड्डा गोली नहीं चलाता, बल्कि उस को आते देखता रहता है. बेहद खराब सीन है. विक्रम उस पर अटैक कर देता है.

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दोनों में फाइटिंग होती है. विक्रम आसानी से उस की गरदन कार में फंसा कर पत्रकार दिव्या के साथ चला जाता है. दिलचस्प बात यह है कि हुड्डा के साथ पुलिस फोर्स नहीं होती है. बैकग्राउंड गाना बजता रहा ‘चाहे कोई मुझे जंगली कहे…’ लोग समझते हैं कि जंगली हीरो विक्रम को समझा जाए या हुड्डा को. क्या मतलब है इस गाने का.

विक्रम हुड्डा से कहता है कि उस की पत्नी स्वाति को परेशान न करे, जबकि इससे पहले साजिद और विक्रम की मुलाकात होती है. उस समय दिव्या भी साथ होती है तभी अचानक स्वाति कार से उतर कर आती है और विक्रम को बुराभला कहती है. पतिपत्नी का संबंध विच्छेद कर के चली जाती है. तब विक्रम अपने साथी पुलिस अधिकारी साजिद से कहता है कि इस का खयाल रखना. दिव्या और विक्रम मुंबई की झुग्गीझोपड़ी में पहुंचते हैं. लीना के मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने में किसी की तलाश है.

गार्ड ने पुलिस को क्यों किया फोन

बस्ती में एक गुंडा होता है उस के पास पहुंचते ही गुंडे के गुर्गे जिस में अधिकतर बच्चे शामिल हैं, बंदूक तान कर विक्रम को घेर लेते हैं. लेकिन कुछ नहीं होता. यह नाटक भी दर्शकों को मायूस करता है. विक्रम उसे एक फोटो दिखाता है. गुंडा पहचान लेता है. कहता है कि यह अंकिता है और वह उस का पता बता देता है.

विक्रम और दिव्या दोनों अंकिता के घर पहुंच जाते हैं. उस के घर तक पहुंचने में जो सीन है, उस में भी डायरेक्टर की कमी उजागर होती है. यह अंकिता वही है जो 5 लाख रुपए लीना का पता बताने के लिए देती है. यहां एक गार्ड लीना मर्डर की खबर सुन रहा होता है, जिस में विक्रम का जिक्र है. पता नहीं कब मर्डर हुआ और कब खबर चल रही है और वह विक्रम को पहचान लेता है तथा पुलिस को फोन करता है.

स्वाति और साजिद के प्रेम करने का सीन दिखाया जाता है और स्वाति उस से विक्रम की चिंता प्रकट करती है. असल में पूरे वेब सीरीज में यही 2 लोग हैं, जो विक्रम को लीना मर्डर केस का दोषी नहीं मानते और उस को जबरदस्ती इस केस में फंसाए जाने से चिंतित भी हैं. अजब कहानी है. तभी साजिद पर उस के आला पुलिस अधिकारी का फोन आता है और उस से कहता है कि तुझे लीना मर्डर केस  की जांच से हटा दिया गया है.

एपिसोड-4

चौथे एपिसोड में दिखाया जाता है कि विक्रम और दिव्या, अंकिता को टौर्चर करते हैं. उस से पूछते हैं कि लीना थामस का मर्डर किस ने किया? अंकिता को पीट पीट बेहोश कर देते हैं.

उस के मोबाइल में थामस के बेटे डेविड की फोटो  मिलती है. इसी दौरान हुड्डा भी वहां पहुंच जाता है. उसे कोई सूचना नहीं होती कि पता नहीं डायरेक्टर ने अचानक कैसे पता लगा कर खलनायक हुड्डा को मौके पर भेज दिया.

पुलिस अधिकारी हुड्डा विक्रम और दिव्या को गिरफ्तार करके अपनी गाड़ी में बैठा कर ले जाता है और उन्हें डेविड के सामने पेश करता है. डेविड दोनों को टौर्चर करता है. दिव्या को पकड़ कर अलग टौर्चर रूम में बंद कर दिया जाता है और विक्रम को नशे का इंजेक्शन लगा देते हैं और उसे 2 लोगों के हवाले करते हुए एक गाड़ी में डाल देते हैं. कहते हैं कि इस का एक्सीडेंट दिखा कर काम तमाम कर दो.

सिदेश और उस की प्रेमिका पल्लवी इस में विक्रम को बचाने में लगे हैं. सिदेश कहता है कि विक्रम का उस पर एक एहसान है जिस तरह से वह हैकिंग का काम करता है, उस में फंस गया था. विक्रम ने ही उसे जेल जाने से बचाया है. इन दोनों युवा कलाकारों की प्रेम कहानी कुछ नहीं है. देखने वाले इसी प्रतीक्षा में रहे और कहीं दोनों के बीच प्रेम प्रसंग के सीन नजर आएंगे.

दोनों व्यक्ति विक्रम का एक्सीडेंट कर के हत्या करने ले जा रहे थे, उन की गाड़ी एक जंगल में जा कर पलट जाती है. उस में से पहले वह 2 व्यक्ति निकलते हैं. विक्रम निकलता है उस के हाथ में मशीनगन होती है और वह दोनों को उड़ा देता है. इस बीच यहां गाना चलता है, ‘दम मारो दम हरे कृष्णा हरे राम…’ इस मारकाट में यह गाना भी बकवास लगता है. यह चौथे एपिसोड का अंतिम सीन है.

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