Web Series: वेब सीरीज 'तस्करी: द स्मगलर्स वेब’ की कहानी मुंबई के इंटरनैशनल एयरपोर्ट पर होने वाली बड़ी तस्करी पर आधारित है. वैसे तो यह सब कस्टम औफिसर्स की मिलीभगत से होता है, लेकिन चुनाव नजदीक आने पर सरकार पर दबाव बढ़ा तो इस तस्करी पर नकेल कसने के लिए वित्तमंत्री के आदेश पर ईमानदार कस्टम औफिसर्स को एयरपोर्ट पर तैनात किया जाता है. इस के बाद कस्टम औफिसर्स और तस्करों के बीच चूहेबिल्ली का ऐसा खेल शुरू होता है कि...
कलाकार: इमरान हाशमी, शरद केलकर, अनुराग सिन्हा, अमृता खानविलकर, नंदीश सिंह संधू, जोया अफरोज, फ्रेडी दारूवाला, जमील खान, वीरेंद्र सक्सेना, कृष्ण टंडन, रजत भसीन डायरेक्टर: नीरज पांडेय, राघव एम. जैरथ, बी.ए. फिडा, प्रोड्यूसर: शीतल भाटिया, लेखक: नीरज पांडेय, विपुल के. रावल, एडिटर: प्रवीण काथीकुलोथ, ओटीटी: नेटफ्लिक्स
ओटीटी प्लेटफार्म पर जब किसी सीरीज के साथ लिखा जाता है, 'सच्ची घटनाओं से प्रेरित’ तो यह महज एक टैगलाइन नहीं होती. यह दर्शक से एक मौन वादा होता है कि परदे पर जो दिखेगा, वह कल्पना से आगे जा कर उस सच को छूएगा, जिसे अकसर दबा दिया जाता है. 'तस्करी: द स्मगलर्स वेब’ भी यही दावा करती है. लेकिन यह सीरीज सच को सामने नहीं लाती है.
सत्य पर आधारित वेब सीरीज की परंपरा रही है कि नाम न सही, संकेत तो साफ दिखाए जाते हैं. पर यह सीरीज तस्करी के संकेतों को भी धुंधला कर देती है. राजनीतिक संरक्षण, आर्थिक ताकत और संस्थागत भ्रष्टाचार, इन शब्दों से कहानी बचती हुई नजर आती है.
'तस्करी: द स्मगलर्स वेब’ सच्चाई से टकराने की हिम्मत नहीं दिखाती. विपुल के. रावल और नीरज पांडे द्वारा इस सीरीज की कहानी को लिखा गया है. ये दोनों 2 एपिसोड के निर्देशक भी हैं, शेष 5 एपिसोड का निर्देशन नीरज पांडे और राघव एम. जैरथ ने मिल कर किया है. निर्माता नीरज पांडे हैं. 14 जनवरी, 2026 को यह वेब सीरीज रिलीज हुई है.






