KBC Company Scam. लोगों के पैसे जमा करा कर भाग जाने वाले ठग तो दोषी होते ही हैं, लेकिन इन कंपनियों में पैसा जमा करने वाले भी कम दोषी नहीं होते. पैसा जमा करने से पहले वे आखिर यह क्यों नहीं सोचते कि कंपनी जितना पैसा देने का वादा कर रही है, उतने कम समय में वह कहां से ला कर देगी.
अमीर होने का सपना देखना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन इस के लिए गलत राह पकड़ना जरूर बुरी बात होती है. सहीगलत जानने के बावजूद कुछ लोग कम समय में अमीर बनने के लिए गलत राह पकड़ लेते हैं. ज्यादा पैसों के चक्कर में कभीकभी तमाम लोग ठगों के जाल में फंस कर अपनी मूल रकम भी गंवा बैठते हैं. ठगी करने वाले अकसर ऐसे लोगों की तलाश में रहते हैं, जो आसानी से जाल में फंस जाएं.
ठग सीधेसादे लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए कम समय में मूल रकम को दोगुनी, चारगुनी करने का लालच देते हैं. भोलेभाले लोग उन के झांसे में आ कर अपनी गाढ़ी कमाई या इधरउधर से पैसों का इंतजाम कर के उन के पास जमा कर देते हैं. ठग शुरूशुरू में कुछ लोगों को थोड़ेबहुत रुपए उपहार के तौर पर दे कर पैसा जमा करने वालों का विश्वास जीत लेते हैं.
विश्वास हो जाने के बाद उन की कंपनी में लोग धड़ाधड़ रुपए जमा करने लगते हैं, जिस से उन की कंपनी में और ज्यादा पैसे जमा होने लगते हैं. जब कंपनी में लोगों का काफी पैसा जमा हो जाता है तो ये लौटाने से पहले ही नौदोग्यारह हो जाते हैं. ऐसे ही एक ठग भाऊसाहब चव्हाण और उस की पत्नी को मुंबई पुलिस ने हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया है. इन्होंने केबीसी कंपनी के नाम पर हजारों लोगों से करीब साढ़े 3 सौ करोड़ रुपए ठगे थे.






