Chandigarh Diamond Robbery. 22 करोड़ के कर्ज से उबरने के लिए रजनीश और विनोद ने अपनी गहनों की दुकान का 10 करोड़ का बीमा करवाया. इस के बाद उन्होंने 14 करोड़ की डकैती की लूट का ड्रामा कर बीमा कंपनी में क्लेम भी कर दिया. ये क्लेम ले पाते, उस के पहले ही उन की पोल खुल गई और...
पिता की करोड़ों की दौलत को अपने ऐशोआराम व अन्य क्षेत्रों में बिना सोचेसमझे खर्च करने पर एक डायमंड शोरूम के मालिक रजनीश वर्मा और विनोद वर्मा पर 22 करोड़ का कर्ज हो गया था. इस कर्ज से उबरने के लिए उन्होंने अपने ही शोरूम में लूट की ऐसी झूठी साजिश रची कि पता चलने पर लोग दंग रह गए.
शिवदयाल वर्मा चंडीगढ़ के जानेमाने ज्वैलर्स थे. शहर के सैक्टर-17 स्थित प्रमुख शौपिंग सैंटर में शिवा ज्वैलर्स के नाम से उन की दुकान थी, जो खूब अच्छी चलती थी. उन के परिवार में एक बेटी और 2 बेटे थे, रजनीश वर्मा और विनोद वर्मा. उन्होंने तीनों की शादियां कर दी थीं.
बेटी अपनी ससुराल में खुश थी तो दोनों बेटे पिता के साथ ही संयुक्त परिवार में हरियाणा के शहर पंचकूला के सेक्टर-8 में रहते थे. इन्होंने अपनी विशाल कोठी बनवा रखी थी. सन 2015 में शिवदयाल वर्मा की मौत हो गई. इस के बाद रजनीश व विनोद वर्मा ने पिता की जमीजमाई ज्वैलरी की दुकान बंद कर के इसी सेक्टर के एससीओ नंबर 186-187 में ‘फौरएवर डायमंड्स’ नाम से आभूषणों का आधुनिक शोरूम खोल लिया.
इस शोरूम में उन्होंने केवल हीरे के आभूषण रखे. शोरूम की भव्यता देख कर ग्राहकों की चहलपहल बढ़ने लगी. पैसा आया तो दोनों भाई खुले हाथों से खर्च करने लगे. शोरूम में उन्होंने जरूरत से ज्यादा नौकर रख लिए. दोनों भाई शानोशौकत से रहते थे.






