Crime News: कविता रैना की हत्या पुलिस के लिए एक पहेली बन गई थी. इस पहेली को सुलझाने में 4 आईपीएस अधिकारी, 5 थानों की पुलिस, क्राइम ब्रांच और 200 पुलिस कर्मचारी लगे. आज तक का यह सब से महंगा और जटिल केस अब मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में पढ़ाया जाएगा.

कविता रैना की हत्या इंदौर पुलिस के लिए मिस्ट्री बन कर रह गई थी. एक ऐसा रहस्य, जिस का कोई भी सिरा ढूंढे नहीं मिल रहा था. सिरा मिला तो लेकिन 107 दिन बाद, वह भी तब जब 5 आईपीएस अफसरों सहित 200 पुलिस कर्मियों ने खानापीना भूल कर 20-20 घंटे काम किया. 177 लोगों से गहन पूछताछ की, डेढ़ लाख मोबाइल फोनों की काल डिटेल्स की छानबीन की गई.

20 से ज्यादा बार मर्डर का ट्रायल किया गया.  1500 से ज्यादा मकानों और लगभग 200 गोदामों का चप्पाचप्पा छाना गया. 117 बुलेट मोटरसाइकिलों और 150 कारों को जांचा परखा गया. 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई. 5 थानों की पुलिस के साथसाथ क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया. यहां तक कि अजय देवगन, तब्बू स्टारर फिल्म ‘दृश्यम’ को कई बार इसलिए देखा गया कि कहीं हत्यारे ने फिल्म के नायक की तरह ही कोई दांव न खेला हो.

कविता रैना की हत्या की कहानी सुलझी तो लेकिन इंदौर पुलिस के लिए एक ऐसा इतिहास बन कर जो अब पुलिस अकादमी में पढ़ाया जाएगा. अपने पति संजय रैना, सास कांता रैना और 2 बच्चों बेटे ध्रुव और बेटी यशस्वी के साथ 81/2 सेक्टर-बी, मित्रबंधु नगर में रहती थीं कविता रैना. मित्रबंधु नगर इंदौर के कनाडि़या रोड पर है. कविता के पति संजय रैना एमिल फार्मास्युटिकल कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर थे. पहले कविता भी एक स्कूल में पढ़ाती थीं, लेकिन बच्चों की जिम्मेदारी बढ़ जाने की वजह से उन्होंने 2 साल पहले पढ़ाना छोड़ दिया था. फिलहाल वह घर में रह कर महिलाओं के ब्लाउज वगैरह सिलने का काम करती थीं. ब्लाउज सिलने में उन्हें एक्सपर्ट माना जाता था.

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