Kidnaping Case: अपहरण कांड के खुलासे के लिए पुलिस की 15 टीमों ने लगभग 7 सौ लोगों से पूछताछ की और 3 लाख रुपए के इनाम की भी घोषणा की. आखिर 2 महीने बाद जब मामला खुला तो पता चला कि अपहर्त्ता पेशेवर नहीं, नौसिखिए थे, जिन्होंने टीवी शो देख कर योजना बनाई थी.
अंकित गुप्ता उत्तरपूर्वी दिल्ली के विक्टोरिया पब्लिक स्कूल में 12वीं में पढ़ता था. 11 फरवरी, 2016 को उस का फिजिकल एजुकेशन का प्रैक्टिकल था. प्रैक्टिकल देने के लिए वह नियत समय से पहले बाबरपुर स्थित अपने घर से बाइक ले कर स्कूल के लिए निकला. जैसे ही वह स्कूल पहुंचा, उसे जानकारी मिली कि स्कूल की टीचर चांदनी के पति की मौत हो गई है.
चांदनी अंकित की प्रिय टीचर थीं, इसलिए दोपहर एक बजे प्रैक्टिकल खत्म हो जाने के बाद वह अपने एक दोस्त के साथ शालीमार गार्डन स्थित चांदनी के घर चला गया. उसी समय उस के पिता अनिल गुप्ता को बाइक से कहीं जाना था. उन्होंने अंकित को फोन कर के पूछा कि वह कितनी देर में घर पहुंच रहा है. तब अंकित ने बताया कि वह शाम 4 बजे तक घर पहुंच जाएगा.
अपनी टीचर के यहां संवेदना प्रकट करने के बाद अंकित शाम 4 बजे अपने घर पहुंच गया. स्कूल की ड्रैस चेंज करने के बाद वह खाना खा रहा था, तभी उस के मोबाइल पर किसी का फोन आया. फोन पर बात करने के बाद अंकित ने फटाफट खाना खाया और अपनी मां मीरा गुप्ता से बोला, ‘‘मम्मी, मैं कहीं जा रहा हूं और एकडेढ़ घंटे में आ जाऊंगा.’’ इतना कह कर वह खुश होता हुआ पैदल ही घर से निकल गया.






