Hindi StoriesHindi StoriesHindi Stories: बरकत मसीह दोहरे चरित्र का आदमी था. वह अपनी पत्नी कामिनी से प्रेम भी करता था और नफरत भी. उस की मोहब्बत ही हमेशा नफरत को काबू किए रहती थी, लेकिन एक दिन जब उस की नफरत मोहब्बत पर हावी हुई तो...

बात तब की है, जब मेरी तैनाती पंजाब के एक ऐसे देहाती इलाके में थी, जो काफी हराभरा था. उन दिनो गांवों में बिजली की बात तो दूर, सड़कें भी पक्की नहीं थीं. वह इलाका काफी पिछड़ा हुआ था. गर्मियों के दिन थे. दोपहर को मैं एक पेड़ के नीचे बैठा काम कर रहा था, तभी पास के एक गांव का नंबरदार मुझ से मिलने आया. वह बड़ा ही चापलूस था, लेकिन मेरा मुखबिर था. मैं ने उस से आने की वजह पूछी तो उस ने बताया कि एक घटना घट गई है, वह उसी की सूचना देने आया है.

उस ने बताया कि उस के गांव का बरकत मसीह अपनी घर वाली को साइकिल पर बिठा कर कहीं जा रहा था. जब वह छोटी नहर की पुलिया पर पहुंचा तो सामने से एक बैलगाड़ी बहुत तेज रफ्तार से आ रही थी. बैल भड़के हुए थे, जो गाड़ी वाले से संभल नहीं रहे थे. नहर की पुलिया पर दोनों ओर कोई दीवार नहीं थी, इसलिए बरकत मसीह ने बैलगाड़ी से बचने की कोशिश की तो साइकिल सहित नहर में जा गिरा. जब तक वह संभलता, पत्नी कई गोते लगा चुकी थी. नहर अधिक गहरी नहीं थी. उस ने पास जा कर देखा तो पत्नी अधमरी हो चुकी थी. वह पत्नी को पानी से बाहर निकाल कर ला रहा था, तभी उस ने दम तोड़ दिया.

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