Hindi stories: चोरीडकैती करने वाली लैला को रौनी से प्यार हुआ तो वह साथियों से धोखा करने लगी. भला उस के साथी यह धोखेबाजी कैसे बरदाश्त करते, परिणामस्वरूप वह मारी गई.

सीनियर पुलिस इंसपेक्टर से मिलने का समय ले कर मैं ने फोन रखा ही था कि रौनी आ गया. उस का चेहरा उतरा हुआ था. इस का मतलब था कि वह किसी मुसीबत में था. उस ने आते ही कहा, ‘‘कौफी का वक्त है, मंगवा लो.’’

मैं ने कौफी का और्डर दे दिया. उस ने कुरसी पर करवट बदलते हुए कहा, ‘‘दोस्त, मैं तुम से कुछ कहना चाहता हूं, जिस से मेरा दिल हलका हो जाए.’’

रौनी ऊंचा, स्मार्ट और पूरा आदमी था. वह काला सूट पहने था. रौनी अपनी बात कहे, उस से पहले मैं थोड़ा अपने बारे में बता दूं. मैं एक प्राइवेट डिटैक्टिव हूं. इस इमारत की दूसरी मंजिल पर मेरा औफिस है. उसी मंजिल पर रौनी का भी औफिस है. वह एक साइकियाट्रिस्ट था. उस के पास ज्यादा लोग नहीं आते थे, पर जो आते, वे बड़े लोग होते थे. वह उन्हीं लोगों से इतनी रकम ऐंठ लेता था कि उसे पैसों की कोई तकलीफ नहीं होती थी, क्योंकि उन के सेशन काफी चलते थे.

रौनी अपने काम में परफेक्ट था, क्योंकि जो लोग उस के पास आते थे, वे कहीं और नहीं जाते थे. उस के पास समय की कमी नहीं होती थी, इसलिए दिन में 1-2 चक्कर वह मेरे औफिस के जरूर लगा लेता था. उस की बातें बड़ी दिलचस्प और असरदार होती थीं. उस के न आने पर मुझे उस की कमी महसूस होती थी. आज मैं थोड़ा मसरूफ था. मेरा दिमाग एक उलझन में फंसा था. उस समय मेरे सामने सब से बड़ा मसला गहनों की दुकानों में होने वाली डकैतियां थीं. मेरे एक ज्वैलर क्लाइंट ने अपनी दुकान पर होने वाली डकैती के बारे में पता लगाने का काम मुझे सौंप रखा था.

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