Crime Story: करोड़पति बाप का बेटा अशोक अगर सीधी राह चलता तो ऐशोआराम की जिंदगी गुजार सकता था. लेकिन अपनी गलत आदतों के चलते पैसे की चाहत में उस ने अपने पिता की ही हत्या की सुपारी दे दी.

बासठ वर्षीय मामन जमींदार परिवार से थे, इसलिए इलाके के लोग उन का काफी सम्मान करते थे. इस उम्र में भी वह पूरी तरह स्वस्थ थे. इस की वजह यह थी कि वह बहुत ही अनुशासित जीवन जीते थे. वह हर रोज सुबह घर से काफी दूर स्थित पार्क में टहलने जाते थे और अपने हर मिलने वाले का कुशलक्षेम पूछते हुए 7, साढ़े 7 बजे तक घर लौटते थे.

2 नवंबर, 2014 की सुबह जब वह पार्क में टहल कर सवा 7 बजे घर लौट रहे थे तो गली में एक पल्सर मोटरसाइकिल उन के सामने आ कर इस तरह रुकी कि वह उस से टकरातेटकराते बचे. मोटरसाइकिल पर 2 युवक सवार थे. उन के चेहरों पर रूमाल बंधे थे. युवकों की यह हरकत मामन को नागवार गुजरी तो उन्होंने युवकों को डांटने वाले अंदाज में कहा, ‘‘यह कैसी बदतमीजी है, तुम्हारे मांबाप ने तुम्हें यह नहीं सिखाया कि बुजुर्गों से किस तरह पेश आना चाहिए?’’

‘‘सिखाया तो था, लेकिन हम ने सीखा ही नहीं,’’ मोटरसाइकिल चला रहे युवक ने हंसते हुए कहा, ‘‘ताऊ, हम ने तो एक ही बात सीखी है, पैसा लो और खेल खत्म कर दो.’’

‘‘क्या मतलब?’’ मामन ने हकबका कर पूछा.

मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे युवक ने उतरते हुए कहा, ‘‘ताऊ मतलब बताने से अच्छा है, कर के ही दिखा दूं.’’

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