Hindi crime story: तंत्रमंत्र की दुकानदारी   करने वाले ठग तांत्रिकों को पता होता है कि इज्जत लुटा कर भी जल्दी कोई औरत विरोध में खड़ी नहीं होगी, क्योंकि उसे बदनामी का डर होता है. इसी का वे फायदा भी उठाते हैं.

परिवार में किसी एक पर मुसीबत आ जाए तो इसे सहज रूप में लिया जा सकता है, लेकिन अगर पूरा परिवार ही किसी न किसी परेशानी से ग्रस्त हो तो दिमाग बहुत दूर तक की सोचने लगता है. इंसानी फितरत है कि परेशानी में आदमी जो भी सोचता है, उलटा ही सोचता है.

वीना के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था. परेशानी आने पर उस के दिमाग में भी उलटेसीधे विचार आने लगे थे. उसे लगने लगा था कि हो न हो, किसी ने ‘कुछ करा दिया है’. उस के दिमाग में यह बात गहरे तक बस गई थी. इस के बाद आसपड़ोस के लोगों से वह कहने लगी थी कि ‘किसी ऐसे तांत्रिक के बारे में बताओ, जो अपनी अलौकिक शक्तियों से उस के परिवार को परेशानियों से निजात दिला सके.’

कोई 7-8 साल पहले वीना की शादी महेश से हुई थी. 6 और 4 साल के उस के 2 बेटे थे. चंडीगढ़ के सब से बड़े कस्बे मनीमाजरा में किराए का मकान ले कर वह परिवार के साथ रहती थी. महेश का चावलों का कारोबार था. कुछ दिनों पहले तक इस परिवार में सब ठीकठाक था. वीना खुद भी सेहतमंद थी और उस के दोनों बच्चे तथा पति भी स्वस्थ थे. महेश का स्वास्थ्य ठीक था तो वह काम भी डट कर करता था. लिहाजा मेहनत के हिसाब से कमाई भी होती थी. परिवार में सब खुश थे.

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