Love Story: फूलजहां की जिद के आगे झुकते हुए फौजदार उस की शादी अच्छन से करने को राजी हो गए थे. लेकिन उस के भाइयों को न जाने उस की शादी पर क्यों ऐतराज था कि उन्होंने फूलजहां के न मानने पर उसे मार दिया. दिन भर की यात्रा पूरी कर के जिस तरह सूरज अपने घर लौटने को बेताब था, उसी तरह घर लौटने को बेताब पक्षी भी कोलाहल मचाते हुए अपने ठिकाने की ओर लौट रहे थे. उन का यह शोर वातावरण को बेहद खुशनुमा बना रहा था. लेकिन इस सब से बेखबर अच्छन चहलकदमी करते हुए गांव की ओर से आने वाली पगडंडी पर नजरें जमाए था.

उस के चेहरे के भावों से ही लग रहा था कि उसे किसी का बड़ी बेसब्री से इंतजार है. शायद उसी के इंतजार में कभी उस की नजर घड़ी पर जाती थी तो कभी गांव की ओर जाने वाली पगडंडी पर. आखिर इंतजार की घडि़यां खत्म हुईं और फूलजहां आती हुई दिखाई दे गई. उसे आता देख कर अच्छन के चेहरे पर सुकून के भाव आ गए और होंठ मुसकरा उठे. उस ने फूलजहां के पास जा कर कहा, ‘‘फूल, आज आने में तुम ने बड़ी देर कर दी, तुम्हारा इंतजार करतेकरते मेरी आंखें पथरा गईं. मुझे तो लगने लगा था कि तुम आओगी ही नहीं.’’

‘‘अच्छू, मुझे आने में थोड़ी देर क्या हो जाती है, तुम बेचैन हो उठते हो. अब मैं तुम्हारी तरह लड़का तो हूं नहीं कि जहां मरजी हो, चल दूं. लड़की हूं न, 10 बहाने बनाने पड़ते हैं, तब कहीं जा कर घर से निकल पाती हूं.’’

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