True Crime Story: कार ड्राइवर सुनील ने मालिक की सवा करोड़ की रकम लूटने के लिए जिस तरह योजना बनाई थी, वह थी तो बड़ी सटीक, लेकिन पुलिस उस से भी आगे निकली. लूट की रकम खर्च करने के पहले ही उसे साथियों के साथ पकड़ लिया.

8 सितंबर, 2015 को दोपहर करीब 2 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक डस्टर कार तेज गति से दौड़ पड़ी. कार में ड्राइवर सुनील के अलावा 5 लोग थे. कार थौमसन रोड पर कुछ दूर ही चली थी कि मंदिर के पास अचानक एक पल्सर मोटरसाइकिल सवार ने ओवरटेक कर के उस कार को रोक ली. अचानक मोटरसाइकिल के सामने आने पर डस्टर कार के ड्राइवर ने तेजी से ब्रेक लगाए, जिस से कार डिवाइडर से टकरातेटकराते बची. मोटरसाइकिल सवार एक सिख था, जो पुलिस वरदी में था. उस के साथ वाला व्यक्ति सफारी सूट पहने था. उस के पास वायरलैस था. वह मोटरसाइकिल खड़ी कर के सिख ड्राइवर की ओर आया और गेट खोल कर ड्राइवर से बोला, ‘‘खिसको.’’

इस से पहले कि कार ड्राइवर कुछ कहता, सिख ने ड्राइवर को जबरदस्ती खिसका कर ड्राइविंग सीट पर कब्जा कर लिया.

सिख के ड्राइविंग सीट संभालते ही डस्टर कार के पास एक आल्टो कार आ कर रुकी. उस में से 6 लोग उतरे, जिन में से 3 लोग डस्टर कार की पिछली सीट पर बैठ गए. पिछली सीट पर बैठे एक आदमी ने हड़बड़ा कर पूछा, ‘‘कौन हैं आप लोग?’’

तीनों में से एक आदमी ने रिवौल्वर तान कर डांटते हुए कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच.’’

‘‘लेकिन आप का बर्ताव पुलिस जैसा नहीं है?’’ ड्राइवर बोला.

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