UP News: फरजी आईएएस अधिकारी गौरव कुमार सिंह उर्फ ललित किशोर राम लोगों से कितनी मोटी ठगी कर रहा था, इस का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि उस ने मोटी सैलरी पर पीए और असिस्टेंट रख रखा था. साथ ही अत्याधुनिक हथियारों वाली सिक्योरिटी भी लगा रखी थी. 2 लग्जरी गाडिय़ां हमेशा उस के साथ चलती थीं. एक गरीब परिवार का युवक गौरव क्यों बना फरजी आईएएस और कैसे करता था करोड़ों रुपए की ठगी?
बिहार में स्थित सीतामढ़ी की एक अलग पहचान है. इसी जिले के मेहसौल के वार्ड नंबर 37 में किसान चलितर राम अपनी पत्नी जहरी देवी और 5 बेटों राजकुमार राम, हरिकिशोर राम, राजकिशोर राम, गौरव कुमार सिंह उर्फ ललित किशोर राम और राजनंदन राम के साथ एक झोपड़ी में रहते थे. वह मेहनतमजदूरी कर के जैसेतैसे अपने परिवार का भरणपोषण करते थे. वक्त, हालात और गरीबी की आग में तप कर पांचों बच्चे बड़े हुए.
चलितर राम के पांचों बेटों में चौथे नंबर का बेटा ललित अपने सभी भाइयों से बेहद अलग स्वभाव का था. जिस गरीबी में वह पल कर बड़ा हुआ था, समाज की चकाचौंध से उस की आंखें चौंधिया जाती थीं. जब वह सड़कों पर दौड़ती चमचमाती कारों, चमचमाती बाइक्स, आलीशान और शानदार बिल्डिंग और लोगों की अमीरी में जीने की लग्जरी जिंदगी देखता था तो उस के सीने पर सांप लोट जाता था. अपने बारे में वह सोचता कि वह अमीर के घर में पैदा हुआ होता तो वह भी अच्छेअच्छे कपड़े पहनता, बढिय़ा खाना खाता, चमचमाती कारों में सैर करता और नोट पानी की तरह बहाता.






