देव के भाई जयंत की अपनी पत्नी विदुषी से बिलकुल नहीं बनती, क्योंकि वह उसे बेवकूफ समझता है और उसे लगता है कि वह दिन भर कुछ नहीं करती, केवल वीडियो बनाती रहती है.
रात के समय कैरव का आदमी एक बैग में पैसे ले कर किसी को देने जा रहा था, जिसे चुराने के लिए जयंत आ जाता है. तभी वहां देव आ जाता है. वह जयंत को पकडऩे दौड़ता है, पर उसे पकड़ नहीं पाता. तभी देव की फाच्र्युनर चोरी हो जाती है. कैरव के आदमी ‘भो’ और ‘भी’ (दोनों भाईबहन) देव को पकड़ लाते हैं और उस की पिटाई करते हुए पूछते हैं कि वह कौन है और सूटकेस कौन ले गया? तभी सेंट्रल मार्बल के मालिक सुनील महाजन के साथ कैरव आता है.
देव को देख कर उसे याद आता है कि यह तो वही आदमी है, जो बचपन में उसे परेशान किया करता था. उसे बिल्ली मार कह कर चिढ़ाता था. कैरव देव को मारने लगता है. तब सेंट्रल मार्बल का मालिक उसे रोकता है और कहता है कि यह हमारा काम कराने के लिए गुरुग्राम से आया है.
‘भो’ की भूमिका संजय शिव नारायण ने की है. उस की बहन ‘भी’ की भूमिका में मंजरी पुपला है तो सुनील महाजन की भूमिका गौरव कोठारी ने की है.
एपीसोड-2
दूसरे एपीसोड में कैरव अपनी कोठी पर नाश्ता करते हुए देव से विकास से जल्दी समझौता कराने के लिए कहता है. उसी समय वहां संध्या आ जाती है. तब देव को पता चलता है कि संध्या कैरव के लिए काम करती है.
देव सेंट्रल मार्बल के मालिक के साथ उस की गाड़ी से निकलता है तो उस से अपनी गाड़ी दिलाने की बात करता है. वह देव को कुछ रुपए दे कर आश्वासन देता है कि भाई साहब (कैरव) उस की गाड़ी जल्दी दिलवा देंगे. इस के बाद देव उस की कार से उतर जाता है.
एसआई पल्लवी राज उस विदेशी महिला की हत्या का मामला देख रही है, जिस का सड़क के किनारे एक हाथ दिखाई दे रहा था. पल्लवी राज की भूमिका कुब्रा सैत ने की है. वह कहीं से भी पुलिस वाली नहीं लगती. पल्लवी राज विदुषी की बहुत अच्छी दोस्त है. जिस की वजह से देव उस से अपनी कार के बारे में पता करने को कहता है.
पल्लवी से उस विदेशी महिला की हत्या वाले केस की फाइल बंद करने को कहा जाता है. पल्लवी समझ जाती है कि इंसपेक्टर राजबीर नहीं चाहता कि इस मामले का खुलासा हो. जबकि पल्लवी इस मामले को ले कर काफी गंभीर थी. क्योंकि उसे पता चल गया था कि उस विदेशी महिला को बेहोशी की हालत में जिंदा ही दफना दिया गया था.
इस के बाद वह पत्रकार चंद्रकांत से कहती है कि वह पता लगाए कि उस सड़क को बनाने की परमिशन किस ने दी थी. पत्रकार उस से डिनर पर चलने को कहता है, जहां बातचीत में उसे पता चलता है कि पल्लवी लेस्बियन है.
देव कैरव के लोगों ‘भो’ और ‘भी’ के साथ मिल कर अपनी कार चुराने वाले जमाल खान के घर जाता है और जमाल खान के बारे में पता करने के लिए उस के भाई करीम को उठा लाता है. उस का टार्चर किया जाता है, पर वह कुछ नहीं बताता. बाद में उसे छोड़ दिया जाता है.
कैरव मंत्रीजी से आंदोलन संभालने की बात करता है. पर मंत्रीजी कहते हैं कि वह इलाका एमएलए प्रमोद बहनोई के अंडर में आता है, जो उसे पसंद नहीं करता. फिर भी वह उस से बात करने की कोशिश करेंगे. इस के बाद मंत्रीजी प्रमोद को फोन करते हैं. प्रमोद कहता है कि उस की और विकास की कम्युनिटी अलगअलग है, इसलिए वह उस की बात नहीं मानेगा.
देव कहीं जा रहा होता है, तब उसे विकास एक बार-कम-रेस्टोरेंट में जाता दिखाई देता है. वह भी उस के पीछे जाता है और विकास से अपनी बात मनवाने के लिए उस की एक आदमी के साथ चुम्माचाटी की फोटो खींच लेता है.
पर बाद में वह वे फोटो अपने दोस्त से डिलीट करवा देता है. देव के दोस्त की भूमिका आशीष थपलियाल ने की है. देव को लगता है कि हर किसी को अपनी जिंदगी अपने ढंग से जीनी चाहिए. यहीं उसे अपने दोस्त से पता चलता है कि संध्या उस के बच्चे की मां बनने वाली थी.
देव संध्या के घर जाता है और उस से अपने प्रेम की दुहाई दे कर एक बार फिर उसे इमोशनल ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है, पर संध्या उसे अपने घर से जाने को कहती है और दरवाजा बंद कर लेती है. देव वहां से दुखी हो कर चला जाता है और एक झील के किनारे शराब पी कर सो जाता है. सुबह उस की भाभी विदुषी उसे फोन कर के बताती है कि जयंत की एक्सीडेंट में मौत हो गई है.
एपीसोड-3
तीसरे एपीसोड की शुरुआत में दिखाया जाता है कि पुलिस जयंत की कार क्रेन से निकलवा रही है. देव बाइक से वहां पहुंचता है तो इंसपेक्टर राजबीर उस से सीधे कहता है कि उसी ने भाई को मारा है.
इंसपेक्टर राजबीर सिंह रंगोट प्रमोद के कहने पर विकास को गिरफ्तार कर लेता है. कक्षदार उसे छुड़ाने के लिए आंदोलन करते हैं. देव अस्पताल जाता है, जहां एसआई पल्लवी के साथ जयंत की लाश की शिनाख्त कर रहा है.
इंसपेक्टर राजबीर अपने गुंडों को भेज कर आंदोलन में कैरव के औफिस में तोडफ़ोड़ करवा देता है. कैरव के औफिस से निकल कर भाग रही संध्या को बचा कर देव उस के घर ले जाता है. यहां संध्या पिछली रात किए गए अपने व्यवहार के लिए माफी मांगती है और उसे घर के अंदर ले जाती है. उस रात देव उस के घर रुकता है. रात में दोनों शारीरिक संबंध भी बनाते हैं.
कैरव अपने घर में चिल्लाता है कि विकास को किस ने अरेस्ट कराया है. दूसरी ओर इंसपेक्टर राजबीर विकास को कैरव के खिलाफ भड़काता है और कहता है कि विधायक प्रमोद उसे ले कर बहुत परेशान है. देव को उस के बौस फोन करता है कि काम का क्या हुआ? देव बताता है कि उस के भाई की मौत हो गई है, पर बौस उस की कोई बात नहीं सुनता और फोन काट देता है.