True Crime Story: महत्त्वाकांक्षी नंदिनी पति को छोड़ कर लखनऊ में प्रौपर्टी का कारोबार करने के साथसाथ सैक्स रैकेट भी चलाने लगी थी. यही सैक्स का कारोबार उस की जान का दुश्मन बन गया.
9 सितंबर की दोपहर लखनऊ के थाना इंदिरानगर की राहुल विहार कालोनी में रोज की तरह सब ठीकठाक चल रहा था. तभी अचानक सायरन बजाती पुलिस की गाडि़यां कालोनी के एक मकान के सामने आ कर रुकीं तो लोग किसी अनहोनी की आशंका से घरों से बाहर निकल आए. घटना पंकज कुमार सिंह के मकान में घटी थी, जिसे इंदिरानगर के सेक्टर 17 के मकान नंबर 646 में किराए पर रहने वाली नंदिनी तिवारी ने किराए पर ले रखा था. पुलिस के पहुंचते ही उत्सुकतावश भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे.
दरअसल, थाना इंदिरानगर पुलिस को उस मकान में किराए पर रहने वाली नंदिनी तिवारी के बेटे मनीष ने अपनी मां को गोली मारे जाने की सूचना दी थी. उसी की सूचना पर पुलिस वहां पहुंची थी. दिनदहाड़े महिला को गोली मारे जाने की सूचना पा कर डीआईजी डी.के. चौधरी, एसएसपी राजेश पांडेय, सीओ (गाजीपुर) दिनेश पुरी और थानाप्रभारी धीरेंद्र यादव पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए थे.
पुलिस अधिकारी मकान के बाहरी कमरे को पार कर के पीछे वाले कमरे में पहुंचे तो बैड के पास पड़ी कुरसी पर 45-46 वर्षीया नंदिनी तिवारी घायल पड़ी थी. उस का सिर दाईं ओर झुका था. सिर के नीचे गरदन के ऊपरी हिस्से पर घाव था. इस के अलावा पीठ पर भी गहरा घाव था. इन घावों से बहा खून फर्श पर फैला था. अनुमान लगाया गया कि गोली काफी नजदीक से खड़े हो कर मारी गई थी, जो गरदन से घुस कर पीठ से निकल गई थी.






