Hindi Story: इंसपेक्टर नवाज खान को शक था कि चंदरमल के गायब होने के पीछे उस की मंझली बहू के प्रेमी का हाथ है. लेकिन जब उन्होंने इस मामले की जांच की तो...

उन दिनों मेरी पोस्टिंग अमृतसर के एक देहाती इलाके में थी. वहां लाला चंदरमल के बेटे अर्जुन से मेरा अच्छा दोस्ताना था. वह एक शरीफ और मुखलिस नौजवान था. अर्जुन का शालों का कारोबार था. उस की बीवी भी अच्छी औरत थी और मेरे घर आती थी. मेरी बीवी से उस की अच्छी पटती थी. उस का नाम सीता था. आज जो किस्सा मैं आप को सुनाने जा रहा हूं, उस में सीता की खास भूमिका है. वह एक नेक और भली औरत थी और चंदरमल की चहेती बहू थी. चंदरमल के दोनों बड़े बेटों की औरतें नाम की बहुएं थीं. न वे दोनों ससुर की कोई सेवा करती थीं, न उसे पूछती थीं. उस की सारी खिदमत और देखरेख सिर्फ सीता करती थी.

वैसे चंदरमल ने दोनों बड़े बेटों, विकास और प्रकाश को पहले ही अलग कर दिया था, जबकि अर्जुन ने अलग होने से साफ इनकार कर दिया था. वह और सीता बाप से अलग नहीं होना चाहते थे. पर चंदरमल ने समझाबुझा कर अपने घर के पास ही घर दिला कर उन्हें भी अलग कर दिया था. लेकिन अलग होने के बाद भी सीता सुबहशाम आ कर ससुर का खाना बनाती, खिलाती, सेवा करती. उस की जरूरतों का खयाल रखती.

लाला की बीवी मर चुकी थी. न चाहते हुए भी अर्जुन और सीता को लाला से अलग होना पड़ा था, इस के पीछे लाला चंदरमल की शराब की लत थी. वह रात होते ही पीना शुरू कर देता था, इसलिए वह नहीं चाहता था कि उस की बहू व उस के बच्चे नशे की हालत में उसे देखें. इसी वजह से उस ने अर्जुन को भी अलग कर दिया था. सोमवार के दिन वह सोमरस का पान कुछ ज्यादा ही कर लेता था. मदहोशी की हालत में कोई उसे गलत हरकतें करते न देखे, इसलिए वह अलग अकेले रहना पसंद करता था. ये सब बातें अर्जुन की बीवी मेरी बीवी को बताती थी.

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