Suspense Story: बच्चे को पूंछ निकली देख कर लोगों ने उसे हनुमानजी का अवतार मान लिया और उस के दर्शन के लिए आने ही नहीं लगे, बल्कि उस पर चढावा भी चढ़ाने लगे. लेकिन जब उस पूंछ की वजह से बच्चे को परेशानी हुई तो उस की असलियत सब के सामने आ गई और सभी ने मान लिया कि वह कोई करिश्मा नहीं था.
सरहिंद से पश्चिम की ओर कुछ किलोमीटर की दूरी पर एक गांव पड़ता है संगतपुर सोढियां. इसी गांव में रहते थे पंजाब के जानेमाने संगीतकार मास्टर जाने खान. उन की संतानों में 5 बेटियां और 2 बेटे थे, जिन में चौथे नंबर पर था इकबाल कुरैशी. इकबाल बचपन से ही गानेबजाने का शौकीन था. वह गीतगजल लिखता और खुद ही गाता. उस के कुछ गीत काफी लोकप्रिय हुए, जिस से उसे लोग गीतकार और गायक के रूप में जाननेपहचानने लगे. अपनी इस शोहरत से वह कुछ इस तरह उत्साहित हुआ कि गीतसंगीत को ही उस ने अपनी आजीविका का साधन बना लिया.
शादी लायक हुआ तो सन 1970 में सुरैया बेगम से उस का निकाह हो गया. सुरैया से उसे 5 बच्चे हुए. बेटियों में उषा,सलमा, शहनाज और बेटों में साहिब अली तथा अमानत अली. पहले इकबाल कुरैशी दूसरी जगह रहते थे, सन 1978 में वह सपरिवार जिला फतेहगढ़ साहिब के गांव नबीपुर में आ कर रहने लगे थे. बच्चे बड़े हुए तो उषा की शादी मलेरकोटला के एक गांव में कर दी. सन 1997 में सलमा का निकाह साहनेवाल के रहने वाले राज मोहम्मद से कर दिया. राज मोहम्मद एक हलवाई के यहां नौकरी करता था. सलमा को बीवी के रूप में पा कर वह बहुत खुश था.






